206 ViewsComments Off on Tum apni shaam ki tanhaiya mujhe de do
तुम अपनी शाम की तन्हैया मुझे दे दो
बिखरती ज़ुल्फ की परछाईयाँ मुझे दे दो
मे डूब जाऊ तुम्हारे आँखो मे
तुम अपने दर्द की गहराइया मुझे दे दो
मे तुम्हे याद करू ओर तुम को ख़बर हो जाए मोहब्बत की वो सचाइया मुझे दे दो