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खामोशी से रहना वर्दाश्त नहीं मुझे

खामोशी से रहना वर्दाश्त नहीं मुझे
मरूंगा तो भी सन्नाटा तोड़ जाऊंगा ,
शीशा हूँ टूटूंगा तो बिखरूंगा
जीता हूँ हनक के साथ,
टूटूंगा खनक के साथ
खनक के साथ खामियाजा छोड़ जाऊंगा”

aap hame sabse khush nazr aye

Zindgi per kitab likhunga…