Romantic Shayari अपना भी घर भूल गए लेखक: Sam · 26 September 2011 · ♡ 21 views · Updated 8 Mar 2026 Advertisement याद नहीं क्या क्या देखना था सारे मंज़र भूल गए उसकी गलियों से जब लौटे अपना भी घर भूल गए Advertisement लेखक Sam मोहब्बत, रिश्तों और एहसासों से जुड़े खूबसूरत शब्दों और शायरी के माध्यम से दिल की बात कहने की कोशिश। लेखक की और शायरी पढ़ें → अगर पसंद आई, तो शेयर करें WhatsApp Facebook X ← पिछली शायरी अगली शायरी → और पढ़ें आपको यह शायरी भी पसंद आएगी Romantic Shayari तुम्हारा साथ: जहां दर्द का एहसास मिट जाता है – दिल को छू लेने वाली रोमांटिक शायरी 1.4k views Romantic Shayari इबादत की ख़ामोशी: दिल को छूने वाली मोहब्बत की शायरी 2.3k views Romantic Shayari अंधेरों से उजाले तक: दिल को छू जाने वाला एहसास – रोमांटिक टू लाइन शायरी 1.5k views Romantic Shayari नज़र से नज़र मिलाने वाली रोमांटिक शायरी | दिल को छू लेने वाली शायरी 2.7k views
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