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अपना भी घर भूल गए

याद नहीं क्या क्या देखना था सारे मंज़र भूल गए उसकी गलियों से जब लौटे अपना भी घर भूल गए

aasmaam se sitaare toot jaye

महफ़िल,मुकाम,रास्ते और गम उदास हैं